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27 Jan 2017

26 जनवरी 2017 की रात को शनिदेव ने किया अपना गृह-परिवर्तन जानिए फायदे और नुक्सान


68वे गणतंत्र-दिवस पर शनिदेव महाराज ने किया अपना गृह परिवर्तन -: तुला,सिंह और मेष राशि वालो के लिए शनि देव लगाएंगे चार चाँद और कन्या,मकर और वृष राशि वालो को शानिदेव चबवानगे लोहे के चने
अथार्त इस गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2017 की रात को 10 बजकर 49 मिनट पर शनिदेव ने किया है आपने ग्रहो का परिवर्तन इसी कारण शनि देव से तुला,सिंह और मेष राशियो वालो को होगा फायदा तथा कन्या,मकर और वर्ष राशियो वालो को रहना पड़ेगा शानिदेव महाराज से सजेत उनको कभी भी परेसानी आ सकती है । बासठ चन्द्रमाओ के साथ शनिदेव महाराज आपन घर स्थान बदलकर वृश्चिक  से धनु में गए है। ऐसा होने से कुछ राशियों वाले लोगो के जीवन में सुकून भर जायेगा और कुछ राशियों वाले लोगो के जीवन में बेचैनिया आने वाली है। तुला राशि के लोग पिछले साढे सात साल से शनिदेव के प्रकोप से बाहर आकर और मेष और सिंह राशि वाले लोग पिछले ढाई सालो से शनिदेव की दृष्टि से मुक्त होकर मुस्कुराएंगे और जश्न मनाएंगे
दूसरी तरफ देखा जाये तो मकर राशि वाले लोग अपने ही स्वामी शनिदेव की साढेसाती के प्रकोप में आने के कारन उलझन में फंसे नजर आयँगे। और साथ में कन्या राशि और वृष राशि वाले लोग शनिदेव की अड़ेया की चपेट लगने से बहुत परेसान होने वाले है। इसी कारण तुला ,सिंह और मेष राशि वाले लोगो के लिए अगले लगभग चार महीने बहुत ही ज्यादा ख़ुशी वाले परिणाम देखेंगे। और कन्या,मकर और वृष राशि के लोगो को जोखिम से दूर और हमेसा अलर्ट / सचेत रहने की अत्यादिक आवश्कता है। और फिर लगभग ढाई सालो के बाद इनको कुछ प्रसन्ता वाले परिणाम प्राप्त हो जाये ।




ऊर्जा,धातु,खनिज,ग़ुड,शकर,धान्य के कारोबार के साथ इन सेक्टरों के शेयरों में जहा आकसिमक तेजी दर्ज होने वाली है और दूसरी तरफ वृहस्पति से समन्धित कारोबार बहुत अधिक प्रभावित होंगे। पिली दाल,बेसन,चना और केले के कारोबार में कुछ कमी और नरमी के संकेत प्राप्त हो सकते है। तथा नोटबंदी से तोहफे में मिली समश्या २६ जनवरी के बाद धिरे-धिरे काम होने लगेगी और जनता को इसमे कामयाबी हासिल होगी। टेक्स का स्वामी मंगल हाने से जनता को टेक्स के साथ अन्य प्रकार से कुछ समय के लिए राहत प्रदान करेंगे ,वही कुछ विचित्र टेक्स उलझन पैदा करेंगे ।

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 चुनाव पर इसका असर :- 

इसके प्रभाव के कारन इस बार चुनाव के परिणाम हैरान करने वाले होंगे। नए-नए  छोटे दल कुकुरमुत्तो की तरह प्रकट होकर बहुत से बड़े दलों और जनता का खेल बिगाड़ेंगे और बड़े दलो में नाराजगी इस हद तक बढ़ जाएगी की वो अपना अलग-अलग दल बना लेंगे। इसके चलते योग्य और काबिल लोग धिरे-धिरे हासिये तक पटक दिए जायेंगे और असंगठित वाले सभी अपराध बढ़ेंगे । 

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की 21 मई से शनिदेव वक्री होने से १८ नवम्बर के समय के बिच में अथर्व्यवस्था में नुक्सान तथा फायदे दोनों नजर आने की सम्भावना है। और ऐसी दौरान बड़े-बड़े हादसे जैसे - हवाई दुर्घटना , सड़क और रेल दुर्घटनाये हो सकती है। 

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23 Jan 2017

Top Best Tips For Rahu-Dosh ( राहु-दोष ) In Hindi

Top Best Tips For Rahu-Dosh ( राहु-दोष ) In Hindi


  => राहु-दोष  क्या है ?   


जैसा की आप जानते होंगे ब्रहंमाण्ड में कुल मुख्य नो ग्रह  होते है उनमे से एक है 'राहु' .
और भारतीय ज्योतिष विद्या के अनुसार राहु-ग्रह  को मायावी ग्रह मन जाता है। ऐसी कारन इसे मायावी विद्या और मायावी शक्तियों का स्वामी मन जाता है। इन्सान राहु ग्रह के कारण ही बिना सोचें समझे कुछ भी बात को बोल देता है , किसी चीच पर आपने विचार बिना सोचे रख देता है ,मिनटो  में ही करोड़पति बनने का सपना देखता है -जैसे -: जुया , लॉटरी  , इंटरनेट तथा इसके कई माध्यमो में आपन पैसा और कीमती समय बेकार कर देते है।  ब्रहंमाण्ड में ये ही एक ऐसा ग्रह है जो इन्सान को बहुत काम समय में करोड़पति,अरबपति या फिर कंगाल भी बना सकता है। राहु गृह का इन्सान पर अच्छा  और बुरा दोनों तरह के प्रभाव पड़ते है।

  => राहु-ग्रह के लक्षण  -: 

आज हम आपको बताते है कि नो ग्रहों  में से जब आपका राहु-ग्रह ख़राब है तो क्या करे।
भारतीय ज्योतिष के अनुसार राहु गृह को पाप का ग्रह  मन जाता है। इन्सान की जनम कुण्डली में राहु,केतु तथा शनि को बुरे संकेतो का स्वामी मन जाता है।
अगर आपकी कुण्डली में राहु दोष की उपस्थी है तो यह आपको बुरे फल देगा। तो आईएए जानते है राहु-ग्रह  के कुछ मुख्य-मुख्य  लक्षण :--

अगर आपकी कुंडली में 'राहु-दोष' है तो आपको कुछ समश्याए पैदा होगी जिनसे हम आसानी से पता लगा  इन्सान को राहु दोष लगा हुआ है।
जैसे - मानसिक-तनाव। आर्थिक नुक्सान ,स्वम को लेकर गलतफमी , आपसी रिस्ते-नाते में कमी ,छोटी -छोटी  भट पर आप खोना , आवाज का खटोर होना और किसी परये को आप-सब्ध बोलना , और सबसे सरल है की अगर आप राहु दोष से पीड़ित है तो आपके हाथ के नाख़ून आपने आप जूझने लगते है।

  => राहु-ग्रह दोष  के कारण  -: 


अगर आपकी कुंडली में या आपके भाग्य में आप राहु दोष से परेसान है तो आप जान सकते है की ऐसा आपके साथ किन-किन कारणों  से होता है।

* राहु देवता शर्प  का ही रूप होता है तो अगर आप सपेरे को परेसान करते है तो राहु आपको परेसान करेगा।
* बड़े भाई को कष्ट  देने से या उसको परेसान से राहु आपको परेसान करेगा।
* यदि आप आपने नहिहाल पक्ष की बुराई  है  तो राहु आपको परेसान करेगा।

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  => राहु-दोष निवारण के उपाय / टोटके :-

* जौ या अनाज को पानी या दुध  में बीगोकर जलप्रवाह करे।
* कोयला को पानी में बहाये।
* मूली को धन में दिया करे।
* भंगी को शराब / मांस  का धन करे।
* आपने सिर पर चुटैया  रखा करे।
* भैरव जी की पूजा-पाठ  करे।

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21 Jan 2017

Online Top Best shani-sadhe-satthi Problem Solution By Astrologer A.k.Guruji +91-9610679685

Shani-Sadhe Shathi Dasha,prahav,charan,upya Tips In Hindi
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 => साढ़े साती क्या होती है - (What is Shani Sade Sati)  

ज्योतिष विद्या के  अनुसार शनि-साढ़े साती की दशा तब होती है जब इन्सान के शनि कोचर चंद्रमा से पहले ,दूसरे और बारवे भाव से गुजरता है।  शनि को एक राशि से गुजरने में ढ़ाई वर्ष का समय लगता है,और इस तरह कुल तीन राशियों से गुजरते हुए शनि साढ़े सात वर्ष का समय लेता है, जिसे साढ़े साती कही जाती है। सामान्य अर्थ में साढ़े साती का अर्थ हुआ सात वर्ष छ: माह होता है।

शनि-साढ़े साती के दौरान माना जाता है, कि इन्सान को असंतुष्टि,क्लेश, विवादों जैसी विपरीत परिस्थितियो का सामना करना पड़ता  है।शनि-साढ़े साती सभी के लिए बुरा परिणाम लाता है ऐसा नहीं है। उदाहरणस्वरूप अगर शनि योग कारक है तो इस बात की कोई संभावना नहीं बनती कि शनि व्यक्ति को परेशान करेगा। अधिकतर लोगों को साढ़े साती के तीन चरणों से गुजरना होता है चौथा चरण का सामना बहुत कम लोगों को करना होता है। राशि चक्र में साढ़े साती फिर से लौट कर तब आती है, जब पहली साढ़े साती के 25 वर्ष पूरे हो जाते हैं।

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 => शनि साढ़े साती का जीवन पर प्रभाव -: 


यह बात सत्य है कि शनि-साढ़े साती के दौरान इन्सान को अनेक प्रकार की समश्या,कहठनाई और घोर परिस्थियो का सामना करना पड़ता है। लकिन  इसमें चिंता करने वाली कोई बात नहीं होती हैं,क्योकि अगर हम शनि देव के छोटे-मोटे उपाय करे तो शनि देव खुश रहते है और इन्सान को भी खुश रखते है।  इसमे कठिनाई और मुश्किल हालत जरूर आते हैं,लेकिन इस दौरान व्यक्ति को कामयाबी भी मिलती है। बहुत से व्यक्ति शनि-साढ़े साती के प्रभाव से सफलता की उंचाईयों पर पहुंच जाते हैं। शनि-साढ़े साती दशा व्यक्ति को कर्मशील यथार्थ कर्म करने योग्य  बनाता है,और इन्सान को कर्म की ओर ले जाता है। घमंड़ी, अभिमानी, कठोर और मैं में रहने वाले इन्सान से यह काफी कड़ी-मेहनत भी कर लेता  है। और आप जानते है की मेहनत का फल हमेसा मीठा होता ही है। 

 =>  साढ़े साती के मुख्य तीन चरण-(Three steps of  Sade Sati) 


शनि-साढ़े साती का प्रथम चरण इन्सान के नज़दीकी रिश्तेदारों और जातक को प्रभावित करता है। 
शनि-साढ़े साती का दूसरा चरण इन्सान के कारोबार और गृहस्थ जीवन को प्रभावित करता है। 
शनि-साढ़े साती का तीसरा चरण इंसान के स्वास्थिक,पारिवारिक और उनके बच्चो की मानसिकता को प्रभावित करता है।  

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इंसान के विवाह और वैवाहिक जीवन के विषय में ग्रहों की स्थिति काफी कुछ बताती है, इंसान की जनम-कुंडली में सप्तम भाव को विवाह एवं जीवनसाथी का घर कहा जाता है, सप्तम  भाव एवं इस भाव के स्वामी के साथ ग्रहों की स्थिति के अनुसार व्यक्ति को शुभ और अशुभ फल मिलता है। 

 =>  विवाह में सप्तम-भाव  शनि का प्रभाव -: 


ज्योतिष के अनुसार सप्तम-भाव विवाह एवं जीवनसाथी का घर माना जाता है। सप्तम-भाव में शनि का होना विवाह और वैवाहिक जीवन के लिए शुभ संकेत नहीं माना जाता है।  इस भाव में शनि होने पर व्यक्ति की शादी सामान्य आयु से अलग आयु में होती है।  सप्तम भाव में शनि अगर नीच का होता है,तब यह संभावना रहती है कि व्यक्ति कम पीड़ित होकर किसी ऐसे व्यक्ति से विवाह करता है जो उम्र में उससे काफी बड़ा होता है। यदि चन्द्रमा के साथ शनि देव भी विराजमान हो तो  व्यक्ति अपने जीवन-साथी के प्रति प्रेम-भाव काम रखता है या प्रेम-भाव को बिलकुल से नष्ट कर देता है।  और किसी अन्य के प्रेम में पड़ने के कारण गृह-कलेस को जन्म देता है।  ज्योतिष के अनुसार सप्तम शनि एवं उससे युति बनाने वाले ग्रह विवाह एवं गृहस्थी के लिए सुखकारक नहीं होते हैं। 

 => साढ़े साती के  उपाय -: (Remedies for Saturn and marriage)

जिन लड़कियों  के विवाह में शनि के कारण विलम्ब हो रहा है,उन्हें हरितालिका व्रत करना चाहिए एवं शनि देव की पूजा करनी चाहिए।  पुरूषों को भी शनि देव की पूजा उपासना से लाभ मिलता है एवं उनकी शादी जल्दी हो जाती है। 

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शनि-साढ़े साती का उपाय :-

शनि-साढ़े की परेशानी से बचने के लिए नियमित हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। इस ग्रह दशा से बचने के लिए काले घोड़े की नाल की अंगूठी बनाकर उसे दाएं हाथ की मध्यमा उंगली में पहनना चाहिए। शनि देव को शनिवार के दिन सरसों का तेल और तांबा भेट करना चाहिए। अगर आप रत्न धारण करना चाहते हैं तो किसी अच्छे ज्योतिषशास्त्री से सम्पर्क करें और उनकी सलाह से रत्न धारण पूरी विधि के साथ धारण करें।
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